India’s Holistic in Europe
आजकल की रफ्तार भरी जिंदगी तथा बदलती life style की वजह से स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ रहे हैं
इसको ध्यान में रखते हुए holistic well being ( समग्र कल्याण ) को काफी बढ़ावा मिल रहा हैं।
लोग healthy Life style and health को सही रखने वाले अनेक रास्तों की खोज कर रहे हैं, इसी में सबसे ज्यादा अच्छा विकल्प पारंपरिक चिकित्सा को माना जा रहा हैं और india की traditional medicines को ग्लोबल लेवल तक एक नई उम्मीद की पहचान मिल रही हैं।
जिसका सबसे अच्छा example हैं हाल ही में jan 2026 के बजट में पेश किया गया india -Europe FTA (free trade agreement).
जिसकी वजह से “आयुष” के globalization के एक सुनहरे अवसर की शुरुआत हुई हैं।
India’s Holistic in Europe
What is FTA (free trade agreement) ?
FTA- free trade agreement means मुक्त व्यापर समझौता FTA केवल व्यापार समझौता नहीं हैं
यह एक wellness Partnership हैं जिसमें india की traditional medicines का विस्तार सीमाओं के बाहर तक हो जहां आयुर्वेद,योग,यूनानी, सिद्धा , होम्योपैथ आसानी से हर जगह उपलब्ध हो और उनके पास मान्यता हो।
इस partnership का main base हैं Ayush students के लिए यूरोप में practice का अवसर प्रदान करना।
यह Ayush Doctors के लिए तो महत्वपूर्ण हैं ही साथ में उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं जो traditonal treatment की तलाश में हैं।
FTA के main points -
1.Stabilization of Ayush HealthCare
in EU-
According to FTA Indian Ayush Doctors को अब यूरोप में प्रैक्टिस करने तथा अपनी योग्यता का प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त होगा
Ayush Doctors अब यूरोप में कानूनी रूप से practice कर पाएंगे और traditional medicines की अपनी विशेषज्ञता को global level तक अलग पहचान दिला पाएंगे।
2. Buisness purpose –
Traditional medicines के आयात-निर्यात को आसान किया जाएगा तथा सरल नियमों को लागू किया जाएगा जिससे Buisness easy and accessible हो पाएगा।
3.india – Eu Bond –
भारत और यूरोप के बीच इस Healthcre buisness purpose से व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे तथा स्वास्थ्य की पारंपरिक पद्धति के वैश्विक स्तर पर नए अवसर प्राप्त होंगे तथा दोनों देशों के विशेषज्ञों की सामूहिक ज्ञान से नई Researches and medicines को अलग दिशा प्राप्त होगी।
“Global Health” में FTA
(free trade agreement)
की भूमिका –
आयुर्वेदा का उद्देश्य हैं “स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षाम्” अर्थात् स्वास्थ्य की रक्षा।
भागती हुई Life में लोग अपनी health को पीछे छोड़ जाते है बदलती हुई जरूरतें और पाश्चात्य संस्कृति की वजह से सबसे ज्यादा जो affect हुआ हैं वो हैं स्वास्थ्य।
Modern medicines cure करती हैं लेकिन हमें एक ऐसी HealthCare planning की जरुरत हैं जिससे भागदौड़ भरे जीवन में भी Health stable रहे और आयुर्वेद ही इसका सरल उपाय है क्योंकि आयुर्वेद सिर्फ medicine’s provide नहीं करवाता वो सिखाता है
” How to maintain a Healthy lifestyle ” उसका यही purpose उसे modern medicines से अलग करता हैं। FTA के लागू होने के बाद आयुर्वेद के लाभ Global level तक होंगे
वैश्विक स्तर पर india की traditonal चिकित्सा की शुद्धता और विश्वास का लाभ प्राप्त होगा । Modern sceine और आयुर्वेद के मिलन से स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।
Summary –
India and Europe के इस समझौते से न केवल भारतीय पारंपरिक ज्ञान को देश के बाहर तक पहचान मिलेगी
इसके साथ के साथ भारतीय आयुष विशेषज्ञों को Global level तक अपनी विशेषज्ञता दिखाने का अवसर प्राप्त होगा ।
समाज में व्याप्त मिथ्य व अंधविश्वास का भी नाश होगा साथ ही आयुर्वेद को लेकर लोगों की समझ और उसके ज्ञान की आवश्यकता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
Ministry of Ayush and Government of India के इस फैसले से भारत के व्यापार व निर्यात में भी बढ़ोतरी होगी तथा वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत को नई पहचान भी मिलेगी।